

उत्तर प्रदेश में हजारों लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाली चिटफंड कंपनियों ICL और इमेज कैरियर के फरार डायरेक्टर्स की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। पीलीभीत पुलिस ने इन आरोपियों की संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
तीन साल पहले बरेली के प्रेमनगर क्षेत्र में संचालित इन कंपनियों के खिलाफ हजारों निवेशकों ने शिकायत दर्ज कराई थी। कंपनियों ने मोटे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये ऐंठ लिए, लेकिन ना तो ब्याज दिया और ना ही मूलधन वापस किया।
इस मामले में कंपनी के CMD रूप किशोर गोला उर्फ आर.के. गोला, GM जितेंद्र गुप्ता, डायरेक्टर अवधेश गोला, दिनेश कुमार और अन्य के खिलाफ विभिन्न थानों में कुल 16 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें 12 बरेली, और शेष पीलीभीत, बदायूं व शाहजहांपुर में हैं।
प्रेमनगर पुलिस ने पहले ही R.K. गोला, जितेंद्र गुप्ता और दिनेश कुमार के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल कर दी है। अब कोर्ट से आदेश मिलने के बाद अवधेश गोला, आनंदपाल गोला और संजीव कुमार को फरार घोषित किया गया है, और उनके घरों पर वारंट-नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं।
क्राइम ब्रांच के अनुसार, अगला कदम – इनकी संपत्तियों की कुर्की होगी।
निवेशकों को अब भी न्याय का इंतजार है, लेकिन प्रशासन की सख्ती से यह साफ है – अब कोई भी फर्जी चिटफंड बच नहीं पाएगा।



